एक गाँव के पास एक बड़ा खेत था। उस खेत में एक छोटी-सी चींटी रहती थी। गर्मी के मौसम में चींटी रोज़ सुबह से शाम तक अनाज के दाने इकट्ठा करती थी। वह हर दाने को अपने बिल में सावधानी से रखती थी। एक दिन उसने एक टिड्डे को पेड़ की छाँव में बैठकर मज़े से गाना गाते हुए देखा। चींटी ने उसके पास जाकर कहा, "तुम अभी से अनाज इकट्ठा क्यों नहीं करते? सर्दियों में खाने को कुछ नहीं मिलेगा।" टिड्डे ने हँसते हुए जवाब दिया, "अभी तो बहुत मज़ा करने का समय है, सर्दी की चिंता बाद में करूँगा।" चींटी ने उसे कई बार समझाया, पर टिड्डा उसकी बात हँसी में उड़ा देता था। दिन बीतते गए और सर्दी का मौसम आ गया। ठंडी हवाएँ चलने लगीं और खेतों में अनाज का एक दाना भी नहीं बचा। भूखा और ठंड से काँपता टिड्डा चींटी के बिल के पास पहुँचा और मदद माँगने लगा।
अनुच्छेद पढ़कर इन प्रश्नों के उत्तर दो।
अनुच्छेद में से ये शब्द ढूँढकर लिखो।