एक छोटे-से गाँव में अर्जुन नाम का एक किसान रहता था। वह बहुत मेहनती और दयालु स्वभाव का था। एक बार भयंकर सूखा पड़ा और आसपास के सभी खेत सूख गए। अर्जुन के पास भी बहुत कम अनाज बचा था, लेकिन उसने उसे बहुत सावधानी से बचाकर रखा। एक दिन एक बूढ़ा यात्री उसके दरवाज़े पर आया और भूख से बेहाल होकर खाने की भीख माँगने लगा। अर्जुन की पत्नी ने कहा कि उनके पास खुद खाने के लिए बहुत कम अनाज बचा है, पर अर्जुन ने बिना सोचे अपना आधा अनाज उस यात्री को दे दिया। यात्री ने अर्जुन को धन्यवाद दिया और आशीर्वाद देकर चला गया। कुछ दिनों बाद बारिश शुरू हुई और अर्जुन के खेत में जो थोड़े-से बीज बचे थे, उनसे अचानक बहुत अच्छी फसल उग आई। पड़ोसी हैरान थे कि इतनी कम पूँजी से इतनी बड़ी फसल कैसे हुई। अर्जुन ने मुस्कुराते हुए कहा कि शायद यह उसकी नेकी का फल है। उसने उस साल की फसल का एक हिस्सा फिर से ज़रूरतमंद लोगों में बाँट दिया। गाँव वालों ने अर्जुन से सीखा कि दूसरों की मदद करने से कभी कुछ कम नहीं होता।
अनुच्छेद पढ़कर इन प्रश्नों के उत्तर पूरे वाक्य में दो।
अनुच्छेद में से ये शब्द ढूँढकर लिखो।